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PCOD, PCOS Diet: पीसीओडी से कैसे करें बचाव, कà¥â€à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ कि PCOD को ठीक करने में मिले मदद, जानें à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से
पीसीओडी के लिठइलाज (PCOD, PCOS Treatment) अà¤à¥€ तक निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ नहीं किया गया है. जीवनशैली में बदलाव लाकर इस बीमारी पर काबू पाना है. पीसीओडी को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ और मैनेज करने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका उचित वजन मैनेजमेंट (PCOS diet) सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना है. वजन में 5% की कमी à¤à¥€ बीमारी के इलाज में बहà¥à¤¤ मदद कर सकती है. इस पà¥à¤°à¤•ार, पीसीओडी रोगियों को नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना चाहिठऔर सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार बनाठरखना चाहिà¤. आहार में शà¥à¤—र और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ कम होना चाहिà¤. पीसीओडी से पीड़ित रोगियों के लिठउचà¥à¤š पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और उचà¥à¤š फाइबर सेवन की सलाह दी जाती है. इस लेख को पà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤‚गâ€à¤¿à¤• और सटीक बनाने के लिठहमने बात की पोषण विशेषजà¥à¤ž और कॉसà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ पà¥à¤°â€à¥€à¤¤à¤¿ सेठसे.Â
बाकी का इलाज लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के आधार पर किया जा सकता है. यहां विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तौर-तरीके हैं:
• मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° को सही करने के लिठइंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ और संतà¥à¤²à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के इलाज के लिठदवाà¤à¤‚ उपलबà¥à¤§ हैं.
• मà¥à¤‚हासे, रंजकता और बालों के विकास के लिठतà¥à¤µà¤šà¤¾ उपचार उपलबà¥à¤§ हैं.
• बांठरोगियों को फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ दवाà¤à¤‚ दी जाती हैं.
• ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन इंडकà¥à¤¶à¤¨ और फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ बढ़ाने के लिठअंडे को तोड़ने के लिठओरल दवाà¤à¤‚ और इंजेकà¥à¤¶à¤¨ उपलबà¥à¤§ हैं.
• कà¥à¤› मामलों में सेकेंड-लाइन थेरेपी की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है जैसे à¤à¤°à¥‹à¤®à¤¾à¤Ÿà¥‡à¤œ इनहिबिटर, लैपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक सरà¥à¤œà¤°à¥€ या डिमà¥à¤¬à¤—à¥à¤°à¤‚थि डà¥à¤°à¤¿à¤²à¤¿à¤‚ग.
• आमतौर पर, पीसीओà¤à¤¸ का इलाज उन रोगियों के लिठआकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• तरीके से किया जाता है जो गरà¥à¤ धारण करने के इचà¥à¤›à¥à¤• हैं. किशोर रोगियों को मासिक धरà¥à¤® और इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ को नियमित करने के लिठहारà¥à¤®à¥‹à¤¨ और मेटफॉरà¥à¤®à¤¿à¤¨ के साथ इलाज किया जाता है.
• पीसीओडी के दौरान उचà¥à¤š फाइबर वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली, सरसों का साग, पालक, शकरकंद, हरी बीनà¥à¤¸, फूलगोà¤à¥€, लौकी और गाजर को à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ आहार में शामिल करना चाहिà¤.
• फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ शरीर में पाचन को धीमा करके और अगà¥à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¯ के काम के बोठको कम करके रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा के सà¥à¤¤à¤° को बनाठरखने और इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ को उलटने में मदद करेंगी.
• पीसीओडी रोगियों के आहार में संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ रूप से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ कम से कम 25 गà¥à¤°à¤¾à¤® फाइबर शामिल होना चाहिà¤.
• पीसीओडी डाइट पà¥à¤²à¤¾à¤¨ के हिसà¥à¤¸à¥‡ के रूप में आम, केला, केला, सेब, जामà¥à¤¨, अमरूद, अनानास, पपीता, खरबूजा, अनार और अमरूद जैसे फलों की सिफारिश की जाती है. फल मीठी लालसा को संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ करने में मदद कर सकते हैं, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होते हैं, और फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं. अकेले फल आहार पर होना या à¤à¤• ही बार में फल खाना, हालांकि, पीसीओडी आहार योजना के लिठअनà¥à¤¶à¤‚सित विकलà¥à¤ª नहीं है. पीसीओडी के लिठये फल, हालांकि विटामिन, खनिज, फाइबर और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं, इनमें à¤à¥€ अलग-अलग मातà¥à¤°à¤¾ में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ होते हैं जो रकà¥à¤¤ शà¥à¤—र को बढ़ा सकते हैं.
इसलिà¤, आमतौर पर यह सिफारिश की जाती है कि पीसीओà¤à¤¸ रोगियों के आहार चारà¥à¤Ÿ में उनके à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बीच केवल à¤à¤• छोटी सी सेवा या फल का à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा शामिल हो. तà¥à¤µà¤šà¤¾ के साथ खाठजाने वाले फलों को तà¥à¤µà¤šà¤¾ के बिना खाने वाले फलों की à¤à¥€ सिफारिश की जाती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनका गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ (जीआई) कम होता है. à¤à¤• कम जीआई यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करेगा कि à¤à¥‹à¤œà¤¨ अधिक धीरे-धीरे पचता है और रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा के सà¥à¤¤à¤° में धीमी वृदà¥à¤§à¤¿ होती है.
• पीसीओà¤à¤¸ के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शाकाहारी आहार योजना में मटर, हरी मूंग, पीली मूंग, सूखे बीनà¥à¤¸, चना दाल, दाल, सोयाबीन और छोले जैसी दालें शामिल हैं. दालें à¤à¥€ कम गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ हैं और इसलिà¤, इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठफायदेमंद हैं.
• साबà¥à¤¤ अनाज जैसे साबà¥à¤¤ गेहूं, बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस, à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का अनाज, कà¥à¤µà¤¿à¤¨à¥‹à¤†, जई, पोहा, मूसली और जौ à¤à¤• बेहतरीन पीसीओà¤à¤¸ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं. साबà¥à¤¤ अनाज फाइबर और अनपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ कारà¥à¤¬à¥à¤¸ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं. वे पचने में à¤à¥€ अधिक समय लेते हैं और इस पà¥à¤°à¤•ार, रकà¥à¤¤ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकते हैं.
• बादाम, हेज़लनटà¥à¤¸, अलसी, पाइन नटà¥à¤¸ और तिल जैसे नट और बीज सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वसा के à¤à¤• बड़े सà¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं और पीसीओडी को ठीक करने के लिठअनà¥à¤¶à¤‚सित हैं. महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने दैनिक पीसीओà¤à¤¸ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ आहार योजना में मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी à¤à¤° नट और बीज (20 गà¥à¤°à¤¾à¤® से अधिक नहीं) शामिल करें.
• अपने पीसीओडी डाइट पà¥à¤²à¤¾à¤¨ में सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे शकरकंद, रतालू, मटर, मकà¥à¤•ा, तारो और सà¥à¤•à¥à¤µà¥ˆà¤¶ का सेवन सीमित करना चाहिà¤. सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती हैं और जलà¥à¤¦à¥€ से किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के रकà¥à¤¤ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ा सकती हैं, जिससे हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में असंतà¥à¤²à¤¨ हो सकता है.
• पीसीओडी डाइट चारà¥à¤Ÿ से फलों के रस, डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द फल और पà¥à¤°à¤¸à¤‚सà¥à¤•ृत फलों के सांदà¥à¤°à¤£ को हटा दिया जाना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनमें अतिरिकà¥à¤¤ चीनी की उचà¥à¤š खà¥à¤°à¤¾à¤• होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है. पीसीओडी के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ आहार में आदरà¥à¤¶ रूप से ताजे या जमे हà¥à¤ फल होने चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनमें अधिक लाà¤à¤•ारी फाइबर और पोषक ततà¥à¤µ होते हैं.
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